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अक्टूबर 6, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Tarnetar Mela Gujarat Story

Tarnetar Mela Gujarat Story  * गुजरात में एक ऐसा रंग-बिरंगा मेला लगता है, जहाँ आपका हाथ से सजाया हुआ छाता देखकर आपके लिए शादी का रिश्ता तय हो सकता है!  * सुरेंद्रनगर जिले के थानगढ़ के पास स्थित ऐतिहासिक त्रिनेत्रेश्वर महादेव मंदिर के परिसर में हर साल 'तरणेतर का मेला' (Tarnetar Mela) आयोजित होता है।  * इस मेले में कुँवारे युवक खुद अपने हाथों से एम्ब्रॉयडरी, शीशों और गोटेदार पट्टियों से सजाई गई खूबसूरत छतरियाँ लेकर आते हैं।  * लड़की वाले और युवतियाँ उस छाते की सजावट में की गई बारीक मेहनत और हुनर को देखकर शादी की बात आगे बढ़ाते हैं!  * पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में अर्जुन द्वारा कुंड के पानी में देखकर मछली की आँख में तीर साधने वाला द्रौपदी का स्वयंवर इसी पावन धरती पर हुआ था।  * सितंबर के महीने में लगने वाले इस तीन दिवसीय मेले में रबारी और भरवाड़ समुदाय के लोग पारंपरिक पोशाक पहनकर रास, गरबा, हुडो और राड़ा जैसे अद्भुत लोकनृत्य करते हैं।  * मेले में सुंदर घोड़ों और ऊँटों की खरीद-बिक्री के साथ-साथ अब तो इस अनूठी लोक-संस्कृति को देखने के लिए विद...

Captain Smith Macwan: Wadhwan Se Sky Tak Gujarat Ka Garv

Captain Smith Macwan: Wadhwan Se Sky Tak Gujarat Ka Garv  * गुजरात और गुजरातियों के बिज़नेस माइंडसेट की दाद तो पूरी दुनिया देती ही है, लेकिन कैप्टन स्मिथ मैकवान (Captain Smith Macwan) ने जो साहसिक कारनामा कर दिखाया है, उसने हर गुजराती का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है!  * 34,000 फीट की ऊँचाई पर जब मौत सामने खड़ी थी, तब कैप्टन स्मिथ ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस से न सिर्फ खुद को संभाला, बल्कि विमान में मौजूद सभी 174 यात्रियों को खरोंच तक नहीं आने दी!  * यह जानकर बिल्कुल भी हैरानी नहीं होती कि वह सुरेन्द्रनगर जिले के ऐतिहासिक वढवाण (Wadhwan) तालुका से आते हैं।  * जिस पावन धरती को सती माता राणकदेवी ने अपने त्याग के लिए चुना हो और जिसका नाम ही भगवान महावीर (वर्धमान) के नाम पर पड़ा हो, वहाँ ऐसे वीरों का पैदा होना बेहद स्वाभाविक है!  * इसी जज्बे के लिए वढवाण के महान कवि दलपतराम जी ने लिखा था—"કષ્ટ વેઠી ને જેઓ કામ કરે, તેવું જ જગ માં નામ કરે।"  * अगर इस रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्ची घटना पर बॉलीवुड या ढोलिवुड में फिल्म बनती है, तो आप कैप्टन के रोल में किस एक्टर को...

Real Superhero Of Gujarat: Garba Free VIP Pass Craze

Real Superhero Of Gujarat: Garba Free VIP Pass Craze  * गुजरात में असली सुपरहीरो उसे नहीं कहते जो उड़ सकता है, बल्कि उसे मानते हैं जो नवरात्रि में गरबा का फ्री VIP पास अरेंज करवा दे!  * इन सुपरहीरोज़ को लोग पूरा साल भले ही कॉल भी न करें, लेकिन जैसे ही भादरवा महीना खत्म होने आता है, अचानक बोलने लगते हैं—"अरे भाई! वो तो मेरे सगे भाई से भी बढ़कर है!"  * यहाँ फ्री पास का क्रेज़ ऐसा है कि लोग फ्री पास के चक्कर में बाइक में 200 रुपये का पेट्रोल फूंककर शहर के दूसरे कोने तक चले जाएँगे...  * लेकिन घर के पास वाले ग्राउंड की 150 रुपये की टिकट अपनी जेब से कभी नहीं खरीदेंगे!  * क्योंकि भाई साहब! गुजरात में जुगाड़ से फ्री पास लेकर गरबा ग्राउंड में एंट्री मारने का जो स्वैग है, वो पैसे देकर टिकट खरीदने में कहाँ!  * हद तो तब हो गई जब पिछले साल यूनाइटेड वे (United Way) के गरबे का सिर्फ देखने वाला पास लेने के लिए भी लोगों ने पोर्टर (Porter) से कूरियर करवा लिया!  * वैसे क्या आपके पास भी किसी बड़े गरबे का फ्री VIP पास दिलाने वाली सुपरपावर है? कमेंट करके ज़रूर बताइएगा! Guja...

Gujarat Model: Road Se Real Estate Aur Tax Ka Loop

Gujarat Model: Road Se Real Estate Aur Tax Ka Loop  * गुजरात डेवलपमेंट के एक ऐसे यूनिक और कभी न खत्म होने वाले चक्कर में फंस चुका है, जहाँ से बाहर निकलना अब नामुमकिन है!  * लोगों को रोजगार और कनेक्टिविटी मिले, इसलिए सरकार एक नई रोड बनवा देती है।  * रोड बनते ही आसपास के खेतों के दाम आसमान छूने लगते हैं, तो किसान जमीन बेचता है और सरकार को भारी कैपिटल गेन टैक्स मिलता है।  * जो बिल्डर वो ज़मीन खरीदता है, वो उसे NA (Non-Agricultural) करवाकर रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट पास करवाता है—सरकार को फिर से टैक्स मिलता है!  * लोगों को लगता है कि आगे चलकर भाव और बढ़ेंगे, तो प्रोजेक्ट पास होते ही धड़ाधड़ दुकानें बुक हो जाती हैं—सरकार को स्टैम्प ड्यूटी का टैक्स फिर मिलता है!  * प्रोजेक्ट तैयार होते ही दुकानें री-सेल में बिकती हैं—सरकार को फिर टैक्स!  * फिर कोई बिजनेसमैन सोचता है कि यहाँ धंधा अच्छा चलेगा, तो वो दुकान किराए पर ले लेता है—रेंट एग्रीमेंट पर सरकार को फिर टैक्स!  * और उस दुकान में दिन-रात होने वाली हर छोटी-बड़ी खरीद-बिक्री पर सरकार की जेब में GST त...

Safety In Gujarat: Redi Par Helmet Aur No Tension

Safety In Gujarat: Redi Par Helmet Aur No Tension  * गुजरात में रोड के किनारे खड़ी गाड़ियों पर लटका हुआ थैला या सीट पर रखा हुआ हेलमेट दिख जाना बिल्कुल ही आम बात है!  * जबकि देश के कई हिस्सों में अगर आप रोड के किनारे सिर्फ बाइक भी खड़ी कर दें, तो हर पल चोरी होने की चिंता दिमाग में चलती रहती है।  * पिछले हफ्ते मुझे वडोदरा से अहमदाबाद जाना था, तो सुबह-सुबह बड़ौदा डेरी (Vadodara Dairy) के पास मेरी बाइक पंचर हो गई।  * अब इतनी सुबह दुकान तो खुली नहीं थी, तो मैंने बेझिझक बाइक वहीं सड़क किनारे खड़ी की और रैपिडो (Rapido) बुक करके अहमदाबाद निकल गया!  * अगले दिन शाम को जब पूरे 36 घंटे बाद वापस आया, तो देखा कि गाड़ी वैसे की वैसे ही सुरक्षित खड़ी थी!  * पंचर बनवाया और शांति से बाइक लेकर घर आ गया—लेकिन इन पूरे 36 घंटों में बाइक चोरी होने का ख्याल एक बार भी दिमाग में नहीं आया।  * गुजरात का यह ज़बरदस्त लॉ एंड ऑर्डर और लोगों का भरोसा ही इसे देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाता है!  * वैसे आप अपने शहर या राज्य में कितना सेफ फील करते हैं? कमेंट करके ज़रूर बताइएगा! Gujar...

Sasural Wali Feeling Dena Wala Restaurant: Sasumaa Ki Kahani

Sasural Wali Feeling Dena Wala Restaurant: Sasumaa Ki Kahani  * गुजरात में दामाद (जमाई) को भगवान के रूप में मेहमान माना जाता है!  * जब जमाई राजा खाना खाने बैठते हैं, तो सासू माँ ढेर सारे व्यंजन बनाकर छोटी-छोटी कटोरियों में प्यार से परोसती हैं और "थोड़ा और... थोड़ा और..." कह-कहकर पेट भरकर खाना खिलाने की कोशिश करती हैं।  * गुजरात में एक मशहूर कहावत भी है—"जमाई आवे त्यारे सासू ना घर मां दिवाली थाये!"  * इसी अनोखे आइडिया से प्रेरित होकर पूनम चंद पांचाल ने 'सासूमां' (Sasumaa) नाम का आइकॉनिक रेस्टोरेंट शुरू किया!  * इस रेस्टोरेंट में ऑथेंटिक गुजराती थाली तो मिलती ही है, साथ ही यहाँ का स्टाफ आपको बिल्कुल ससुराल में आए हुए जमाई की तरह दुलार से बार-बार खाना परोसता है।  * 1999 में शुरू हुए इस रेस्टोरेंट की आज सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में कई सफल ब्रांचेस चल रही हैं।  * वैसे आपके ससुराल में आपको क्या कहकर बुलाया जाता है और कैसी खातिरदारी होती है? कमेंट करके जरूर बताइएगा! Sasuma Restaurant Story, Gujarat Sasumaa Thali, Surat Vadodara Ahmedabad Food,...

Ambaji Temple Bhavadarvi Poonam Mela

Ambaji Temple Bhavadarvi Poonam Mela Story  * गुजरात और राजस्थान के बॉर्डर पर एक ऐसा सिद्ध मंदिर है, जहाँ 100-100 किलोमीटर से लोग पैदल चलकर दर्शन करने आते हैं!  * अहमदाबाद से सवा सौ और पालनपुर से सिर्फ 50 किलोमीटर दूर स्थित है अंबाजी माता का मंदिर, जो 51 शक्तिपीठों में से एक प्रमुख पीठ है।  * इस मंदिर की सबसे अद्भुत बात यह है कि यहाँ माता की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि माँ वीसा यंत्र की पूजा की जाती है।  * पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती के पार्थिव शरीर को ले जा रहे थे, तब माता का हृदय (दिल) इसी पावन धरती पर गिरा था।  * यहाँ हजारों सालों से अखंड ज्योत प्रज्वलित है और मंदिर के शिखर पर 450 से भी ज्यादा सोने के कलश जड़े हैं, जिससे पूरा शिखर शुद्ध सोने की चमक से जगमगाता है!  * भाद्रवी पूनम के मेले में अहमदाबाद, कालोल, मेहसाणा, सिद्धपुर और पालनपुर वाले रास्ते पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ता है।  * पूरे रास्ते जगह-जगह भंडारे का स्वादिष्ट प्रसाद और थके हुए पदयात्रियों के पैरों की मालिश—इस यात्रा के अनुभव में चार चाँद लगा देते हैं!  * भा...