Gujarat Ke Adivasi Aur Pedo Ka Pavitra Nata * गुजरात में आदिवासी लोग पेड़ों को अपने शरीर का अंग और परिवार का सदस्य मानते हैं। * इसीलिए जिन जिलों में आदिवासी जनसंख्या ज्यादा है—जैसे कि डांग, छोटा उदयपुर, दाहोद, नर्मदा, नवसारी वगैरह—वहाँ आपको जंगली क्षेत्र ज्यादा देखने को मिलेगा। * कई समुदायों में जब बच्चा जन्म लेता है तो पेड़ लगाना शुभ माना जाता है, और पेड़ काटना तो देवी-देवताओं को नाराज करने जैसा घोर अपराध माना जाता है। * राठवा और भील समुदाय के लोग तो ताड़, सागौन और महुआ जैसे पेड़ों की पूजा भी करते हैं। * तापी और नर्मदा जिले में देव मोगरा और कंसारी देवी की पूजा होती है। * अभी-अभी एक अंकल ने यहाँ पेड़ से एक डाल तोड़ी और उसके पत्ते व डंडी को अपनी जेब में रख लिया। * मैंने पूछा, "काका, इससे तो आप दातून करोगे लेकिन इसको क्यों जेब में रख रहे हो?" * बोले, "बेटा, इसके पत्तों को उबालकर मैं नहाऊँगा और इसका जो सीख है, यह मेरे खाने के बाद दांत खोदने के काम आता है।" * तो आपने कौन सा पेड़ लगाया है, कमेंट में उसका फोटो जरूर डालना! SEO Keywords: Guj...
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