Maan Rakho Bargaining Culture In Gujarat Markets * गुजरात में दुकानदार अपने ग्राहकों का इतना सम्मान करते हैं कि डिस्काउंट माँगने के लिए आपको बस इतना कहना पड़ता है—"थोड़ुक तो मान रखो भाई!" * और अगर वो थोड़ा-सा दाम कम करें, तो आपको फिर से वही डायलॉग चिपकाना है—"हजी थोड़ुक मान रखो ना!" * जब तक आपको अपनी मनपसंद कीमत न मिल जाए, तब तक आप दुकानदार से अपना 'मान' रखवाते रह सकते हैं! * कल ही मैंने नवरात्रि के लिए मार्केट में 600 रुपये वाला कुर्ता मान रखवाते-रखवाते 400 रुपये में फाइनल किया। * लेकिन मजे की बात तो यह है कि ठीक ऐसा ही कुर्ता मैंने पिछले साल फिक्स रेट वाली दुकान से सिर्फ 350 रुपये में खरीदा था! * क्योंकि भाई साहब! चतुर गुजराती दुकानदार ग्राहक का चेहरा देखकर ही समझ जाते हैं कि इनका कितना ज्यादा 'मान' रखना पड़ेगा... * इसीलिए वो शुरुआत में ही एमआरपी इतनी बढ़ा देते हैं कि पूरा मान रखने के बाद भी मोटा मुनाफा सीधा उनकी जेब में जाता है! * वैसे आप भी शॉपिंग करते वक्त कितना मान रखवा पाते हैं? कमेंट करके जरूर बताइएगा! Gujarat Shopping Bargaining C...
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