Gujarat Aur Bihar Ke Kheto Ka Aakaar Aur Bantwara * गुजरात में खेतों का आकार बहुत ही बड़ा-बड़ा होता है और कहीं-कहीं तो 20-20 बीघा के पट्टे मिल जाएंगे। * जबकि हमारे बिहार में आपको एक बीघा का पट्टा मिलना भी मुश्किल है। * और इसका मुख्य कारण है जनसंख्या और बंटवारा। * अब जनसंख्या ज्यादा है तो हर व्यक्ति को छोटा-छोटा खेत तो मिलेगा ही। * लेकिन जब गुजरात में बंटवारा होता है तो दोनों भाई बोलते हैं कि ये वाला खेत मैं ले लेता हूं, वो वाला तू ले ले। * बड़ा खेत होने का फायदा ये है कि खेत के कोने में छोटा सा घर जैसा बना लीजिए और खेती के रिलेटेड सारा सामान वहीं पड़ा रहेगा। * चारों तरफ खेत होता है और बीच में सुंदर सा शेड बना होता है। * मेरे एक दोस्त ने आम का बगीचा खरीदा, तो मैंने सोचा 10-20 पेड़ होंगे—उसने बताया कि 10-20 पेड़ नहीं, 10 बीघा का एक बगीचा है! * लेकिन हमारे बिहार में बोलेंगे कि ये वाले खेत में से आधा मैं लूंगा, आधा तू ले ले; उस खेत में से भी आधा मैं लूंगा, आधा तू ले ले। * अब छोटे-छोटे खेत रहेंगे तो आपको 10 जगह पर ध्यान रखना पड़ेगा ...
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