* 👩🦰 गुजरात में महिलाओं के नाम के पीछे 'बेन' लगाया जाता है। बेन का मतलब 'बहन' होता है। * 🎀 अब इस हिसाब से तो रक्षाबंधन गुजरात का सबसे बड़ा त्यौहार होना चाहिए, लेकिन वैसा देखने को नहीं मिलता! * 👑 इतिहास में भी किसी रानी या महारानी के नाम के पीछे बेन लगाया हो—ऐसा देखने को नहीं मिलता। वहां देवी या बाई ही देखने को मिलता है, जैसे कि मीणल देवी, राणकी देवी, पुतलीबाई वगैरह-वगैरह। * 📜 नाम के पीछे बेन लगाने के मुख्य रूप से दो कारण हो सकते हैं: * 🕊️ पहला कारण: महात्मा गांधी जी समानता और आदर में मानते थे। 'बाई' शब्द से उस दौर में दासी या काम करने वाली नौकरानी जैसी फीलिंग आती थी, इसलिए उनके आश्रम में काम करने वाली महिलाओं के नाम के पीछे 'बेन' लिखा हुआ मिलता है (जैसे कस्तूरबा को बा और अन्य को बेन)। * 🏫 दूसरा कारण: जब अंग्रेजों ने स्कूल शुरू किए होंगे, तब लड़कियों को उनके भाई ही स्कूल छोड़ने और एडमिशन कराने ले जाते होंगे। और नाम लिखवाते समय बोल देते होंगे—"ललिता बेन" या "कोकिला बेन"! अब स्कूल के डॉक्यूमेंट में जो नाम दर्ज हो जाए, वही न...
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