🌿 Dang: "Pichhde" hain ya humse bahut "Aage"? गुजरात के डांग जिले का सेक्स रेशो एक हजार से भी ऊपर है, यहाँ के आदिवासी लोग इतने uneducated हैं कि इनको ना ही दहेज सिस्टम का पता है और ना ही लिंक टेस्ट करवाना आता है, हमारे दूध पीती करने और सती प्रथा जैसे गौरवशाली इतिहास के बारे में तो इनको पता ही नहीं होगा, ये लोग महिलाओं से पशुपालन से लेकर खेती तक सारे काम करवाते हैं, लड़कियों को जो भी लड़का पसंद आ जाए उसके साथ शादी करवा देते हैं, इनको ये पता ही नहीं कि अपनी ही जाती में शादी करवानी होती है, लोग आज तक organic farming कर रहे हैं और इनको पता ही नहीं कि chemical और fertilizer का use करके ये लोग दो से तीन गुना ज्यादा उत्पादन कर सकते हैं। और उस अनाज को खाकर तीस चालीस सालों में आराम से कैंसर से मर सकते हैं। ये लोग फालतू का सौ-सौ साल जी रहे हैं। पिज्जा और बर्गर जैसी healthy चीजों को छोड़कर ये लोग आज भी नागली यानी कि रागी खाते हैं। डांग दरबार में डांगी नृत्य करते हैं और सापुतारा हिल स्टेशन की बात ही क्या बताऊँ अभी तक इन्होंने उसको कुदरती रहने दिया है तो आ...
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