Sasural Wali Feeling Dena Wala Restaurant: Sasumaa Ki Kahani * गुजरात में दामाद (जमाई) को भगवान के रूप में मेहमान माना जाता है! * जब जमाई राजा खाना खाने बैठते हैं, तो सासू माँ ढेर सारे व्यंजन बनाकर छोटी-छोटी कटोरियों में प्यार से परोसती हैं और "थोड़ा और... थोड़ा और..." कह-कहकर पेट भरकर खाना खिलाने की कोशिश करती हैं। * गुजरात में एक मशहूर कहावत भी है—"जमाई आवे त्यारे सासू ना घर मां दिवाली थाये!" * इसी अनोखे आइडिया से प्रेरित होकर पूनम चंद पांचाल ने 'सासूमां' (Sasumaa) नाम का आइकॉनिक रेस्टोरेंट शुरू किया! * इस रेस्टोरेंट में ऑथेंटिक गुजराती थाली तो मिलती ही है, साथ ही यहाँ का स्टाफ आपको बिल्कुल ससुराल में आए हुए जमाई की तरह दुलार से बार-बार खाना परोसता है। * 1999 में शुरू हुए इस रेस्टोरेंट की आज सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में कई सफल ब्रांचेस चल रही हैं। * वैसे आपके ससुराल में आपको क्या कहकर बुलाया जाता है और कैसी खातिरदारी होती है? कमेंट करके जरूर बताइएगा! Sasuma Restaurant Story, Gujarat Sasumaa Thali, Surat Vadodara Ahmedabad Food,...
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