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मार्च 2, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Gujaratiyon ka Bus Prem: Train Fail, Bus Superhit! 🚌💨

Gujaratiyon ka Bus Prem: Train Fail, Bus Superhit! 🚌💨 गुजराती लोग ट्रेन से नहीं बस से ट्रेवल करना ज्यादा पसंद करते हैं, और इसके पाँच मुख्य कारण हैं पहला है एंड टू एंड कनेक्टिविटी जहाँ ट्रेन आपको रेलवे स्टेशन पर ही छोड़ देगी वहीं गुजरात में बसें गाँव-गाँव तक पहुँचाती हैं,  दूसरा है कन्फर्म टिकट का टेंशन ट्रेन में कन्फर्म टिकट मिलना कितना मुश्किल है ये तो आप जानते ही हैं और गुजराती तो बिना कन्फर्म टिकट के ट्रेवल करने से रहे,  तीसरा है लास्ट मिनट प्लान ट्रेन से ट्रेवल करने के लिए दो-दो महीना पहले प्लान। बनाने पड़ते हैं बस में दो घंटा पहले भी प्लान बन जाए तो सीट मिल जाएगी और  चौथा है जान पहचान का होना गुजरातियों को हर क्षेत्र में जान पहचान का आदमी तो चाहिए ही और वो भी जैसा-तैसा नहीं कंपनी का मालिक ही होना चाहिए और रेलवे में इनको जान पहचान का जल्दी कोई मिलता नहीं है और  पाँचवा है ऑन टाइम रहना ट्रेन तो अपने टाइम से आएगी और निकल जाएगी वही बस वाला दस बार फोन करके बोलता है अरे मोटा भाई कोई पॉइंट छूट गया हो तो कमेंट में जरूर  ​Gujarat mein log Train se zyada...

Vanraj Chavda: Jungle mein janme ek Veer Yoddha ki dastaaan! ⚔️🛡️

Vanraj Chavda: Jungle mein janme ek Veer Yoddha ki dastaaan! ⚔️🛡️ गुजरात में चावड़ा वंश की स्थापना वनराज चावड़ा ने की थी, इनकी कहानी बड़ी ही जबरदस्त है।  पाटन के पास पंचासर था, जिसके राजा थे जय सिखरी चावड़ा। कुंवर नाम के एक राजा ने उन पर जब अटैक किया, तो उन्होंने अपनी पत्नी को अपने साले सुरपाल के साथ जंगल में भगा दिया।  जय सिखरी चावड़ा तो उस लड़ाई में हार गए, लेकिन जंगल में जय सिखरी चावड़ा की पत्नी ने एक बालक को जन्म दिया, जिसका नाम रखा गया वनराज चावड़ा, और मामा सुरपाल तो उनके साथ थे ही।  उन्होंने वनराज चावड़ा को अपना राज्य वापस लेने के लिए युद्ध की सारी कलाएं सिखाई, और इस काम में वनराज चावड़ा की मदद करने के लिए दो दोस्त सामने आए, एक थे अढ़ील भरवाड़ और दूसरे थे चापावाड़िया,  जब वनराज को अपना राज्य वापस मिल गया तब उन्होंने दो शहर बसाए, एक अढ़ीलपुर पाटन और दूसरा चापानेर, आगे की कहानी पार्ट टू में सुनाऊंगा, जिसे सुनने के लिए आप मुझे फॉलो कर सकते हैं। ​Gujarat ke itihas ka wo kissa jo har kisi ko josh se bhar dega. Panchasar ke Raja Jai Shikhari Chavda ki vi...