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फ़रवरी 15, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

​🚩 Chotila: Jahan Bhakti aur Seva Milte Hain!

​🚩 Chotila: Jahan Bhakti aur Seva Milte Hain! गुजरात के इस मंदिर में लोग पचास-पचास किलोमीटर से पैदल आते हैं,  अहमदाबाद से डेढ़ सौ किलोमीटर और राजकोट से सिर्फ और सिर्फ पचास किलोमीटर की दूरी पर आने के बाद यदि आप सात सौ सीढ़ियां चढ़ोगे तो आ जाएगा चंड और मुंड राक्षस को मारने वाली चामुंडा माता का मंदिर  और चामुंडा माता के पास पैदल आने वाले लोगों की इतनी सेवा होती है कि भाई साहब मन करता है कि रोज ही पैदल जाएं, खाने-पीने की सुविधा, पैरों की मालिश और जो कोई थक गया हो उसे गाड़ी पर बिठा। मंदिर तक ले जाना  जब हम कॉलेज में थे तो हर बार मंदिर पैदल जाया करते थे,  एक मान्यता के अनुसार शाम की आरती के बाद पर्वत की चोटी पर कोई नहीं रुकता क्योंकि ये माना जाता है कि माता स्वयं आती है,  झवेरचंद मेघानी और बॉलीवुड की फेमस अभिनेत्री डिंपल कापड़िया भी चोटीला से ही है,  एक खास बात बता देता हूँ, पाँच सौ मीटर की दूरी पर एक जलाराम मंदिर है, दोनों टाइम बिलकुल फ्री में खाना खिलाया जाता है,  अब फॉलो कर ही लिए हो तो वीडियो शेयर जरूर करना। ​Gujarat ka wo darbar jahan 50-50...

Gujarat Ki Mahashivratri: Jahan Bhakti Mein Shiddat Hai! 🔱

Gujarat Ki Mahashivratri: Jahan Bhakti Mein Shiddat Hai! 🔱 गुजरात में शिवरात्रि का इतना जबरदस्त माहौल रहता है कि एक शिव भक्त का मन बिना भांग दिए झूम उठता है,  सोमनाथ जिसे पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है वहाँ की पालकी यात्रा देखने लायक होती है, गिरनार की तलेटी में नागा साधुओं का मेला लगता है जिसे मिनी कुंभ भी कहा जाता है,  कहा जाता है कि जब नागा साधुओं का झुंड नहाने के लिए जाता है तो उसमें से एक साधु वापस नहीं आता और वही असली शिव जी होते हैं, कच्छ के कोटेश्वर महादेव और द्वारका के पास नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन एक बार हो।  तो जीवन सफल हो जाता है, और खास बात ये है कि आज किसी भी शिव जी के मंदिर में चले जाइए, आपको भांग फ्री में पीने को मिल जाएगी, तो फॉलो करके कमेंट में ओम नमः शिवाय जरूर लिखना। ​Gujarat mein Mahashivratri ka mahaul hi kuch alag hai! ✨ ​Somnath Dada ki palaki yatra se lekar Girnar ki taleti mein hone wale Naga Sadhuon ke 'Mini Kumbh' tak, har jagah bas Shiv ka hi naam hai. Kehte hain Girnar mein shahi snan ke waqt jab Naga Sadhuon ka jhund nikalt...