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सितंबर 7, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Gujarat Ka 700 Saal Purana Loknatya Bhavai Aur Uske 360 Vesh

Gujarat Ka 700 Saal Purana Loknatya Bhavai Aur Uske 360 Vesh  * गुजरात में लोग भवाई देखने के लिए दूर-दूर से पैदल आते थे, जिसकी शुरुआत आज से 700 साल पहले असाईत ठाकर ने की थी।  * भवाई में मुख्य कलाकार को अलग-अलग भेष (वेश) धारण करके लोगों का मनोरंजन करवाना होता है, क्योंकि एक ही भेष को बार-बार देखकर लोग बोर हो जाते।  * और इसीलिए असाईत ठाकर ने 50-100 नहीं, बल्कि पूरे 360 अलग-अलग भेषों की रचना की!  * जिसमें झंडा झूलण, माडीबा सती, पतई रावल, कान-गोपी, छेल-बटाउ के साथ-साथ मियां-बीवी का भेष तो फेमस है ही।  * रामदेव पीर का भेष भवाई में सबसे पुराना माना जाता है, और 'रंगलो-रंगली' वाले हास्य किरदारों की तो बात ही निराली है!  * "આ લોણા ભાઈ આ લોણા, કુવા માં નાખ્યા ચણા, ચણા ગયા સડી, અને ભવાઈ જોવા આવો ફરી..."  * लेकिन अफ़सोस, डिजिटल दौर में अब भवाई से उतनी कमाई नहीं हो पाती जिससे इन कलाकारों (भवाया) का पेट भर सके, इसलिए नई जनरेशन इसे सीखने से कतरा रही है।  * तो आपको भवाई का कौन सा किरदार या भेष सबसे ज्यादा पसंद है? SEO Keywords:  #Bhavai #GujaratCulture #Rang...

Gujarat Ke Local Bike Garage Wale Aur Unka 'Doctor Style' Jugaad

Gujarat Ke Local Bike Garage Wale Aur Unka 'Doctor Style' Jugaad  * गुजरात में लोकल बाइक के गराज और सर्विसिंग वाले इतने होशियार होते हैं कि सिर्फ बाइक से एक राउंड लगाकर बता सकते हैं कि गाड़ी में क्या-क्या कमी है!  * मुझे शोरूम वाले ने एएमसी (AMC) के जाल में फंसा लिया था, इसलिए मैं हमेशा वहीं से सर्विसिंग करवाता था।  * लेकिन बारिश में भीगने के बाद गाड़ी बार-बार बंद हो जाती थी और स्टार्ट होने में भारी तकलीफ देती थी।  * फिर मैंने एक लोकल गराज वाले भाई को दिखाया; उसने सिर्फ एक चक्कर लगाया और तुरंत बता दिया—"भाई, चैन ढीला है और CDI खराब है, बदलना पड़ेगा!"  * उसने मुस्कुराकर कहा—"नया CDI डलवाना आपको महंगा पड़ेगा, मैं आपको एक पुराना अच्छा CDI लगा देता हूँ जिसकी 6 महीने की गारंटी दूंगा, और चैन की सर्विसिंग मिलाकर सिर्फ ₹500 लूंगा।"  * आज पूरे 2 महीने हो चुके हैं, गलती से भी सेल्फ स्टार्ट पर हाथ लग जाए तो गाड़ी तुरंत चालू हो जाती है!  * तो आप अपनी बाइक की सर्विसिंग कहाँ करवाते हो—अधिकृत शोरूम पर या अपने भरोसेमंद लोकल गराज वाले के पास? #BikeServicing #LocalMecha...

Kuber Bhandari Temple (Karnali) Aur Narmada Parikrama Ki Kahani

Kuber Bhandari Temple (Karnali) Aur Narmada Parikrama Ki Kahani  * गुजरात में एक ऐसा मंदिर है जहाँ लगातार पाँच अमावस्या को यदि आप दर्शन करने चले गए, तो आपके जीवन में सुख और समृद्धि तो आएगी ही, पुराना कर्ज भी उतर जाएगा!  * बड़ौदा से लगभग 50 किलोमीटर और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से सिर्फ 30 किलोमीटर की दूरी पर कुबेर भंडारी मंदिर स्थित है।  * पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती जब यहाँ से गुजर रहे थे, तो माता को तीव्र भूख लग गई; आसपास जब कुछ खाने को नहीं मिला तो शिव जी ने हमेशा के लिए यहाँ अन्न और जल के रूप में बसने का संकल्प ले लिया।  * और इसीलिए आज भी कोई कुबेर भंडारी दर्शन करने जाता है, तो उसे महाप्रसाद के रूप में भरपेट भोजन मिलता है—यहाँ कोई भूखा नहीं लौटता!  * नर्मदा नदी की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए तो कुबेर भंडारी के दर्शन करना बेहद अनिवार्य माना जाता है।  * और हम लोग तो दर्शन करने के बाद नाव पकड़कर सीधे त्रिवेणी संगम (चांदोद) भी चले गए, जिसके बारे में मैं अगले वीडियो में बताऊंगा—तो फॉलो जरूर कर लेना! #KuberBhandari #Karnali #NarmadaGha...

Dakshin Kashi Chandod Aur Triveni Sangam Ki Pavitra Kahani

Dakshin Kashi Chandod Aur Triveni Sangam Ki Pavitra Kahani**  * गुजरात में एक ऐसी जगह है जिसे काशी और बनारस के बराबर ही पवित्र माना गया है!  * 'दक्षिण की काशी' कहा जाने वाला चांदोद अपने अद्भुत त्रिवेणी संगम के लिए फेमस है—जहाँ नर्मदा, ओरसंग और गुप्त सरस्वती नदी का पावन मिलन होता है।  * हम लोग जब कुबेर भंडारी घूमने गए थे, तो त्रिवेणी संगम का दर्शन करने के लिए सिर्फ ₹100 देकर नाव में बैठ गए।  * नाव वाले भाई ने बताया कि यहाँ पितरों का पिंड दान और अस्थि विसर्जन करना गया (Bihar) और बनारस में करने जितना ही फलदायी माना जाता है।  * जब नर्मदा माता की पवित्र परिक्रमा होती है, तब श्रद्धालुओं के लिए यहाँ आना एकदम कंपलसरी होता है।  * त्रिवेणी संगम का भव्य दर्शन कराने के बाद नाव वाले ने हमें नदी की दूसरी तरफ उतार दिया, जहाँ से हम सीधे नीलकंठधाम पोईचा चले गए!  * नीलकंठधाम की खूबसूरती और वॉटर शो के बारे में अगले वीडियो में बताऊंगा—तो फॉलो जरूर कर लेना! #Chandod #TriveniSangam #DakshinKashi #GujaratTourism #NarmadaGhat #HemnandanDotCom