* 👸 गुजरात में एक दासी की बेटी को महारानी बना दिया गया था! बकुला देवी की माता एक दासी होने के साथ-साथ मंदिर में नाचने वाली नर्तकी थीं। * 🛡️ लेकिन राजा भीमदेव (प्रथम) ने उनकी पवित्रता, सुंदरता और साहस को देखकर उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा दिया था। * 💭 कई लोग बोलते हैं—"मेरे पिताजी तो किसान हैं, मेरे पिताजी रिक्शा चलाते हैं..." भैया, बकुला देवी को तो पता ही नहीं था कि उनके पिताजी कौन हैं, और माता दासी थीं! फिर भी अपने साहसी कारनामों की वजह से आज 1000 साल बाद भी उन्हें सम्मान से याद किया जाता है। * 📜 कई किताबों में बकुला देवी का नाम **'चौलादेवी'** लिखा हुआ भी मिल जाएगा। * 👑 जैसे भीमदेव की पहली पत्नी उदयमती (जिन्होंने रानी की वाव बनवाई थी) सिद्धराज जयसिंह की दादी थीं, उसी प्रकार बकुला देवी 'गुजरात के अशोक' यानी कुमारपाल के पिताजी की दादी थीं! * ⚔️ और कुमारपाल के बकुला देवी का वंशज होने की वजह से ही सिद्धराज जयसिंह नहीं चाहते थे कि कुमारपाल पाटन के राजा बनें! * 👇 गुजरात में सोलंकी वंश के बाद किस वंश की स्थापना हुई थी, यदि आपको पता हो तो कमेंट जरूर करना...
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