Gujarati Business Mindset: Relation Super-Hit, Profit Fixed
* गुजरात में लोग बिजनेस करते समय सिर्फ प्रॉफिट नहीं, बल्कि 'संबंध' को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं!
* इसीलिए अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को कोई भी सामान बिल्कुल 'भाव टू भाव' (कोस्ट प्राइस पर) दे देते हैं।
* पहली बार में लगता है कि अगर बिना मुनाफे के सामान बेचेंगे, तो आखिर कमाई कैसे होगी?
* लेकिन असल में यही तो गुजरातियों की सबसे मास्टर मार्केटिंग स्ट्रेटजी है—जिसे कहते हैं 'माउथ टू माउथ' (Word of Mouth) पब्लिसिटी!
* जब प्रोडक्ट की क्वालिटी बेस्ट होगी और रेट सबसे सस्ता, तो लोग खुद-ब-खुद अपने दस रिश्तेदारों और पड़ोसियों को खरीदने की सलाह देंगे!
* इसीलिए आम के सीजन में जब किसी का बगीचा होता है, तो वो दोस्तों-रिश्तेदारों को एक-एक पेटी 'भाव टू भाव' भिजवाकर प्यार से कहते हैं—"आजू-बाजू कोइने जोतु होए तो पूछि लेजे, आटला मा पड़से!"
* वैसे इस साल आपने आंम (Mango) का बॉक्स या पेटी कितने रुपये में खरीदी थी? कमेंट करके जरूर बताइएगा!
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