नवोदय के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में All About Navodaya in Hindi by Hemnandan नवोदय स्कूल की जानकारी

नमस्ते दोस्तों!
आज नवोदय विद्यालय के बारे में जानेंगे। इस पोस्ट में आपको निम्लिखित सवालों के जवाब विस्तार पूर्वक दिया जाएगा।

1. नवोदय विद्यालय क्या है? और कहां है?
2. नवोदय कि परीक्षा कैसे दी जाती है?
3. नवोदय कि परीक्षा कि तैयारी कैसे करें?
4. नवोदय का रिजल्ट कहां देखे?
5. नवोदय में चयन हो जाने पर क्या करें?
6. नवोदय में क्या क्या सुविधाएं मिलती है?
7. नवोदय विद्यालय में पढ़ाई का माध्यम, बोर्ड और शिक्षक कैसे होते है?
8. नवोदय में सुबह से शाम तक एक दिन कि दिनचर्या कैसी होती है?
9. नवोदय विद्यालय से पढ़ने के क्या फायदे और नुकसान है? जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) के छात्र अन्य स्कूलों की तुलना में इतने प्रतिभाशाली क्यों होते?
10. नवोदय में पढ़ने के बाद नवोदय के विद्यार्थी क्या करते है?

तो आइए एक एक कर के आपके सारे सवलो के जवाब ढूंढ़ने कि कोसिस करते है।

नवोदय विद्यालय क्या है? नवोदय विद्यालय की स्थापना कब हुई
?
जवाहर नवोदय विद्यालय जिसे भारत सरकार, मानव संसाधन मंत्रालयद्वारा चलाया जाता है।  CBSE की शिक्षा मिलती है। इसकी शरुआत प्रधानमंत्री श्री राजीव गाँधी द्वारा की गई। जवाहर नवोदय विद्यालयों का आरम्भ प्रायोगिक तौर पर 1985-86 में हुआ था। आज तमिलनाडु को छोड़कर सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों मे लगभग 598 विद्यालय है। सभी जिलो में एक जवाहर नवोदय विद्यालय होता है। आपका नवोदय आपके हि जिले में है। उसे गूगल मैप पे Jawahar Navodaya Vidyalaya लिख कर search करने पर मिल जाएगा।

जवाहर नवोदय विद्यालय सिलेक्शन

नवोदय में एडमिशन लेने के लिए कुल तीन तरीके हैं।
1 पांचवीं कक्षा में नवोदय कि प्रवेश परीक्षा
2 आठवी कक्षा में नवोदय कि प्रवेश परीक्षा
3 दसवीं के नतीजे पर प्रवेश

आइए इन तीनों बिंदुओं को विस्तार से समझते है।

पांचवीं कक्षा में नवोदय कि प्रवेश परीक्षा

जब आपका बच्चा चौथी पास कर पचवी में आता हैं तब से ही आप नवोदय विद्यालय समिति के द्वारा नवोदय विद्यालय में प्रवेश परीक्षा के लिए जागरूक हो जाएं। अगस्त सितम्बर के महीने तक इसके फॉर्म भरे जाते है। यदि फॉर्म भरना भूल गए तो दूसरा कोई उपाय नहीं है। परीक्षा जनवरी या फ़रवरी में ली जाती हैं और जून तक पहला परिणाम आ जाता है और आपके बच्चे को छठवीं कि पढ़ाई नवोदय में जाकर करनी होती हैं। आपके बच्चे का चयन ना हो पाए तो निराश मत होइए। परीक्षा का परिणाम दुबारा और तीसरी बार भी आता हैं। क्युकी पहले परिणाम में चयन हुए 80 बच्चो मेसे कुछ बच्चे उपस्थित नहीं होते और कुछ बच्चे कुछ दिनों तक पढ़ने के बाद एडमिशन रद करवा लेते है।



आठवी कक्षा में नवोदय कि प्रवेश परीक्षा

छठवीं से नौवीं तक कई बच्चे नवोदय को छोड़ देते है और 15-20 सीटें खाली हो जाती है। आपका बच्चा जब आठवी में आ जाता है तब भी Jawahar Navodaya Vidyalaya Selection test के द्वारा ली जाने वाली परीक्षा के फॉम भरिए और परीक्षा की तैयारी कर परीक्षा दिलवाइए। छठवीं के मुकाबले कम फॉर्म भरे जाते है परन्तु सीटें कम होने की वजह से यहां भी कांपटीशन तो रहता है।


दसवीं के नतीजे पर प्रवेश 

इसे Class 11 Lateral Entry के नाम से भी जाना जाता है। इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को है कि ग्यारहवीं में भी नवोदय में एडमिशन मिल सकता है। ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश के लिए कोई चयन परीक्षा आयोजित नहीं की जाती है। JNV में ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश LATERAL ENTRY के माध्यम से किया जाता है। उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है। यह मेरिट दसवीं कक्षा में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार किया जाता है। सीटें कम होने के कारण इसमें चयन हो पाना मुश्किल है। परन्तु दसवीं के नम्बर पर ही चयन होना है इसलिए FORM तो भर ही देना चाहिए।

2020 में ग्यारहवीं में एडमिशन के लिए फॉर्म आ चुके है।

इस लिस्ट में देखिए किस विद्यालय में कितनी सीटें खाली है।
2023 का ग्यारहवीं का रिजल्ट आ गया है।



कितने बच्चों का चयन होता है?
हर वर्ष एक जिले में अधिकतम 80 बच्चे के चयन हेतु यह परीक्षा आयोजित की जाती है। यदि चुने हुए 80 बच्चो मेसे कुछ बच्चे नवोदय को ज्वाइन नहीं करते हैं तो मेरिट में रहे बाकी के बच्चों को बुलाया जाता है मैं खुद उनमें से एक था।

नवोदय विद्यालय का फॉर्म कब भरा जाता है और फॉर्म कहा मिलता है?
आप जिले में स्थित नवोदय विद्यालय से इसका फ़ॉर्म ले सकते है,जिले के शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में भी आज फ़ॉर्म उपलब्ध रहता है,सरकारी स्कूलों और प्रखंड विकाश पदाधिकारी के पास भी फॉर्म होता है। अब यह फॉर्म ऑनलाइन भी मिल जाता है जिसका प्रिंट निकाल कर भर सकते हैं। और ऑनलाइन भी भर सकते हैं।

परीक्षा पत्र का प्रारूप क्या होता है?
परीक्षा में मुख्यत —
  • गणित 6–9 वर्ग लेवल का होता है,मुख्यतः समय दुरी,लाभ हानि,प्रतिशत, समय काम ,बैंक क्लर्क लेवल तक का। कुल मिलकर गणित थोड़ा कठिन होता है परन्तु हर साल एक जैसे सवाल आने कि वजह से यदि तैयारी कि जाए तो आसानी से हल किया जा सकता है।
  • रीजनिंग टफ होता है बैंक क्लर्क एग्जाम लेवल तक। इसमें बहुत सारे चित्र वाले सवाल होते हैं। परन्तु अभ्यास करने पर इसमें भी आसानी से स्कोर किया जा सकता है क्युकी सवाल रिपीट होते रहते हैं।
  • कॉम्प्रिहेंशन- हिंदी इंग्लिश भाषा और गद्य में तार्किकता को जांचने के लिए। यह आसान होता है आपको हिंदी की जगह कोई और भाषा भी ले सकते हैं इसमें MCQ SOLVE करने होते हैं। और पैराग्राफ में से जवाब मिल जाता है।
  • अमेजॉन पर उपलब्ध है किताब आपकी मदद कर सकती है।


नवोदय कि परीक्षा कि तैयारी कैसे करें?


कक्षा ५ वी के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय की परीक्षा भविष्य के लिए एक अच्छा अवसर है। यदि आप चौथी कक्षा से ही इसकी तैयारी करवाना शुरू कर देते हैं तो बेहतर रहेगा। कुछ ऐसी संस्थाएं भी हैं जो तीसरी कक्षा से ही नवोदय की तैयारी करवाती हैं, और क्योंकि इतनी कम उम्र में इस चीज के लिए बच्चे सीरियस नहीं होते हैं तो वह बच्चे जो थोड़ा ध्यान देते हैं उनका चयन होना निश्चित हो जाता है। बच्चो को चाहिए कि वह तैयारी के दौरान हर एक चीज को अच्छे तरीके से समझे और रटने कि कोशिश ना करें। ऐसे में एक शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है ।

नवोदय विद्यालय एडमिशन रूल्स

परीक्षा में विभिन्न विषयों में गणित हिंदी English और मानसिक परीक्षण से question आते है । ऐसे में बच्चो को गणित के प्रश्नों का अभ्यास अधिक से अधिक आवश्यक है । प्रश्न समझ पर आधारित होते है इसीलिए आवश्यक है कि रटने के बजाय हर एक चीज को समझे और प्रश्नों के बदलते स्वरूप को समझना सीखे।

हिंदी या आपने जो भी भाषा ली है उसमें मुख्यत गाधांश आते है जिनमे से उत्तर MCQ में देने होते है जो अपेक्षाकृत सरल होते है । इसके बाद मानसिक परीक्षण में आकृति कि समझ आवश्यक है । जो practice से प्राप्त होती है । आप आज ही अमेजन से या किताब खरीद लीजिए यह आपकी बहुत ही मदद करेगी।



ज्यादा से ज्यादा अभ्यास और टेस्ट सीरीज काफी लाभकारी है। परीक्षा के पहले छात्रों को पूर्व अनुभव आवश्यक है क्योंकि ज्यादातर छात्र इससे पहले कोई प्रतियोगी परीक्षा नहीं दिए होते है ।

नवोदय में कितने नंबर से पास होते हैं?

इस सवाल का जवाब कोई नहीं बता सकता क्योंकि सिर्फ मेरिट लिस्ट दिखाई जाती है और नंबर का पता नहीं चलता। हालांकि यह परीक्षा मेरिट के हिसाब से है तो यदि नंबर रहता भी तो बदलते रहता और कोई नहीं बता सकता कि यही नंबर आपको आपका चयन करवा देगा। पर इतना जरूर बता सकता हूं कि हर भाग यानी गणित, रीजनिंग और भाषा का न्यूनतम कोलीफिकेसन नंबर होता हैं इसलिए हर विभाग के ज्यादा से ज्यादा सवालों को हल करना जरूरी हो जाता है।

जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2021 कब होगी?


जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा 6 में दाखिले के लिए परीक्षा का आयोजन अलग क्षेत्रों के हिसाब से दो बार किया जाएगा। पहली प्रवेश परीक्षा का आयोजन जनवरी 2021 मे किया जाएगा। इसका ऐडमिट कार्ड दिसंबर 2020 तक जारी किया जाएगा। और सितंबर के महीने में इसके फॉर्म भरने चालू हो जाते है तो आप हमारी वेबसाइट से जुड़े रहिए हम आपको जानकारी देते रहेंगे।

नवोदय विद्यालय का फॉम भरने के लिए यहां क्लिक करे

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नवोदय का रिजल्ट कहां देखे?


कक्षा 6 और 9 दोनों प्रवेश परीक्षाओं के लिए परिणाम आधिकारिक वेबसाइट 
  • nvshq.org, 
  • nvsadmissionsclassnine.in और 
  • navodaya.gov.in पर उपलब्ध है। 
कट-ऑफ और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की सूची जारी की जाती हैं। जो लोग चुने जाते हैं उन्हें दस्तावेज़ सत्यापन के लिए उपस्थित होना होता हैं।

कक्षा 6 की परीक्षा 11 जनवरी, 2020 को आयोजित की गई थी। परीक्षा सुबह 11.30 बजे आयोजित की गई थी। उम्मीदवार ए़डमिट कार्ड से भी रिजल्ट प्राप्त कर सकते थे। रिजल्ट विभिन्न सरकारी कार्यालयों और नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट www.navodaya.gov.in पर भी प्रदर्शित किया जाता हैं।

संबंधित जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य चयनित उम्मीदवारों को एक रजिस्ट्रर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से सूचित करते हैं, जिसके बाद एक स्पीड पोस्ट होता है। उम्मीदवार नीचे दिए गए इन सरल चरणों का पालन करके अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

जवाहर नवोदय विद्यालय रिजल्ट ऐसे 
चेक करें   
  1. नवोदय विद्यालय समिति की आधिकारिक साइट navodaya.gov.in पर जाना होगा।
  2. होम पेज पर JNV Result पर क्लिक करें।
  3. क्रेडेंशियल दर्ज कर लॉगिन करना होगा।
  4. आपका रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।
  5. उम्मीदवार रिजल्ट चेक कर लें और उसे डाउनलोड कर लें।


नवोदय विद्यालय में सिलेक्शन हो जाने पर क्या करें?

इससे बड़ी खुशी की बात और कोई हो ही नहीं सकती! आप खुशियां मनाइए, मिठाईयां बांटिए क्यों कि ये किसी सरकारी नौकरी लगने से कम नहीं है। चलिए काम की बात करते है।
  • आप जिस नवोदय में चयन हुआ है वहा बच्चे के साथ घूम आइए।
  • अपने कागजात तैयार कर लीजिए और अच्छे से अपडेट कर दीजिए।
  • बच्चे का मेडिकल चेकअप करवा कीजिए।
  • बच्चे को वैसे तो सारी चीजे नवोदय से दि जाएगी फिर भी इन चीजों को खरीद ले जैसे बक्सा, नए कपड़े, जूते, प्लेट और ग्लास, साबुन, तौलिया।
  • बच्चे को कुछ जरूरी चीजें खुद करना सीखा देे जैसे कपड़े धोना, झाड़ू लगाना, बड़ों की इज्ज़त करना, और खुद से नहाना।
  • नवोदय विद्यालय का चक्कर लगाते रहे।


नवोदय विद्यालय उन प्रतिभावान बच्चों के लिए एक भगवान का उपहार की तरह हैं जो अच्छी शिक्षा के पैसे का बोझ नहीं उठा सकते है। नवोदय विद्यालय की कुछ खुबियां है-


  • यहां के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर के highly qualified teachers से शिक्षा मिलती है। लगभग सभी शिक्षक अपने विषय में माहिर होते हैं।
  • नवोदय विद्यालय फीस - छठवीं से आठवीं तक कोई फीस नहीं ली जाती। 9 वी से 12वीं तक जनरल और ओबीसी केटेगरी से आए लड़कों से फीस ली जाती हैं। लड़कियों से और गरीब बच्चों से नहीं ली जाती है। अधिक जानकारी के लिए यह वीडियो देखें।
  • यहां के बच्चे तीन भाषाएँ सीखते है। हिंदी, English दो भाषाएँ तो होते ही है। Third language हर नवोदय में अलग होते है। जैसै मेरे नवोदय विद्यालय मुझे गुजराती भाषा सिखने का मौका मिला।
  • यहां के बच्चे हर महीने खुद खाने का लिस्ट चुनते है ।  अपने हिसाब से बदलाव करते हैं इसलिए दुनिया का बेहतरीन खाना आपको नवोदय में मिल जाएगा। क्युकी  बच्चोंके पंसद का खाना बनाया जाता है।
  • यहां के बच्चों को पढ़ाई के साथ मेहनत का भी पाठ पढ़ाया जाता है। अपना बिस्तर अपना कमरा और अपने बाथरूम को खुद ही साफ करते हैं और अपने कपड़े भी धोते हैं खाना खाने के बाद अपनी थाली भी धोते हैं। सभी बच्चे हर रविवार बागवानी करते है और अपनी कक्षा को खुद साफ करते है।
  • हर साल CBSE बोर्ड में सबसे अच्छे Result नवोदय के बच्चे देते है। केंद्रीय विद्यालय से बड़ी टक्कर रहती है और ज्यादातर नवोदय विद्यालय ही आगे रहता है।
  • नवोदय के बच्चे को दक्षिणा जैसे संस्था मिलती है जो मुफ्त में JEE और NEET की कोचिंग देते है। इन परीक्षाओं को नवोदय के बच्चे बड़ी आसानी से पास कर लेते हैं। और केंद्र और राज्य सरकारों की ली गई परीक्षाओं मैं भी बेहतर नंबर लाकर अच्छे-अच्छे पोस्ट पर विराजमान हो जाते हैं।
  • नवमी कक्षा में कुछ बच्चों को दुसरे राज्य के Navodaya में एक साल के लिए पढ़ने का मौका मिलता हैं। जैसे जवाहर नवोदय विद्यालय सूरत से बच्चेे रतलाम मध्य प्रदेश जाते हैं और वहां के बच्चे गुजरात आते हैं।
नवोदय विद्यालय सिर्फ एक विद्यालय नहीं है ये एक परिवार की तरह है। किसी बच्चे को मुश्किल आने में सभी नवोदय वाले उसकी मदद करते है। गुजरात में AAN GUJARAT नवोदय से निकले मेघावी छात्रों का संगठन है जो आए दिन समाज की और नवोदय के ही बच्चों की सहायता करने में सबसे आगे रहता है ऐसे संगठन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हैं।


नवोदय विद्यालय से पढ़ने के क्या फायदे और नुकसान है? जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) के छात्र अन्य स्कूलों की तुलना में इतने प्रतिभाशाली क्यों होते?
ठीक उसी तरह जैसे IIT के छात्र अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों से ज्यादा प्रतिभाशाली होते हैं !
 
ठीक उसी तरह जैसे IIM के छात्र अन्य मैनेजमेंट कॉलेज के छात्रों से ज्यादा प्रतिभाशाली होते हैं !
 
ठीक उसी तरह जैसे AIIMS के छात्र अन्य मेडिकल कॉलेज के छात्रों से ज्यादा प्रतिभाशाली होते हैं !
हर छात्र अपने गाँव/शहर की स्कूल का टॉपर रहा होता हैं हालांकि मैं नहीं था और पता नहीं कैसे पास हो गया लोग कहते हैं पप्पू पास हो गया।😂😍
मेरे दृष्टिकोण से इसका सबसे बड़ा और मुख्य कारण हैं 'नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा' !



नवोदय विद्यालय में पढ़ाई का माध्यम, बोर्ड और शिक्षक कैसे होते है?

यहां पढ़ाई का माध्यम पहले 8 वी तक रिजीनल भाषा होती थी जैसे गुजरात में गुजराती महाराष्ट्र में मराठी फिर अंग्रेजी हो जाता था। अब 6 वी से ही अंग्रेजी हो जाता है।

यहां सीबीएसई बोर्ड में ही पढ़ाई होती है और तीन भाषाओं का सिस्टम अपनाया गया है यानी एक विद्यार्थी को कोई भी तीन भाषाएं आनी चाहिए। ज्यादातर अंग्रेजी हिन्दी और रिजीनाल भाषा को प्राथमिकता दी जाती है।


और जहां तक बात शिक्षक कि हो तो समझ लीजिए कि वे माता पिता से कम नहीं होते। वे सारा जीवन केंपस में ही बिताते है और 24x7 बच्चो के लिए हाज़िर रहते हैं। नवोदय के शिक्षक कोलिफायड होते है, उन्हे अपने विषयों कि गहराई से जानकारी होती है और कठिन परीक्षा को पास कर आए होते है।

इसका जवाब देते हुए मैंने YouTube पर एक विडियो अपलोड किया है आप चाहें तो उसे देख सकते है।



  • 6:30 से 7:30 तक नहा कर असेम्बली हॉल में प्राथना करने पहुंचना होता है।
  • 9:15 बजे तक पढ़ाया जाता है और फिर नाश्ता करने के लिए जाने दिया जाता है।
  • 9:45 तक नस्ता करके क्लास में आना होता है और फिर से पढ़ाई चालू हो जाती है।
  • 11:30 से 11:45 तक पानी पीने और फ्रेस होने के लिए समय दिया जाता है और फिर से पढ़ाई चालू हो जाती है।
  • 13:00 बजे खाना खाने के लिए समय दिया जाता है।
  • 15:30 तक खाना खा कर आराम करना होता है और फिर से क्लास में जाना होता है।
  • 15:30 से 16:30 तक पढ़ाई करने के बाद खेलने के लिए समय दिया जाता है।


  • और 20:00 बजे तक पढ़ने के बाद खाना खाने और उसके बाद हॉस्टल में जा कर आराम करने दिया जाता है।

नवोदय में पढ़ने के बाद नवोदय के विद्यार्थी क्या करते है?
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इस सवाल का जवाब मै ये लेख पढ़ रहे नवोदय के पासआउट विद्यार्थियों के सहारे छोड़ देता हूं। मेरा अनुरोध है कि आप लोग कमेंट में इसका उत्तर जरूर देे या मुझे nandanhemnandan@gmail.com या 8460294129 पर संपर्क करके देे। आपका जवाब आपके नाम के साथ इस पोस्ट में एडिट करके लिखा जाएगा।
धन्यवाद!
जय हिंद! जय नवोदय!
Hemnandan Yadav (JNV SURAT 2005-12)

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नवोदय और मेरे जीवन से जुड़ी कुछ कविताएं अंग्रेजी में (Hemnandan कि कविताएं भाग 2)

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