AAN GUJARAT- नवोदय के बाहर नवोदय
Alumni Association of Navodaya GUJARAT, गुजरात के जवाहर नवोदय विद्यालय के पूर्व छात्रों के द्वारा बनाया गया एक संगठन हि नहीं, परिवार है। जहां उत्साही पूर्व छात्रों का एक समूह समाज कि सेवा करने के लिए सभी नवोदय को जोड़ने, एकजुट करने, मदद करने और प्रोत्साहित करने के लिए मिलकर काम करता है।
दोस्तों मैं आज आन गुजरात के साथ अपना अनुभव साझा करूंगा और मै आन गुजरात के बारे में पूरी जानकारी इस लेख के माध्यम से आपको दूंगा। दोस्तों आन गुजरात की स्थापना नवोदय के ही पास आउट विद्यार्थियों द्वारा की गई आन गुजरात का मुख्य है उद्देश्य नवोदय से निकले विद्यार्थियों की मदद करना है और समाज में कमजोर तबके जैसे कि छोटे गरीब बच्चे अनाथ आश्रम, विद्याश्रम की मदद करना है। आन गुजरात ट्रैफिक पुलिस का भी सहयोग करने में पीछे नहीं हटता। तो आइए देखते हैं की आन गुजरात क्या-क्या करता है।
आन गुजरात के बारे में और फ़िज़ूल कि बाते ना कहते हुए मै आपको आन गुजरात के द्वारा किए गए कार्यों की एक झलक आपको दिखाना चाहूंगा।
Selfie with plant पौधे के साथ फ़ोटो
इस Campaign में Volunteers को पौधा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह अनुरोध किया जाता है कि जो जहां है वहीं एक पौधा लगाकर उसके साथ फ़ोटो लेकर #selfywithplant लिख कर सोशियल मीडिया पर फोटो शेयर करें ताकि पर्यावरण के प्रति जारूकता फैलाई जा सकें। आन गुजरात के उत्साहित वोलेंटियर विभिन्न नवोदय में जाकर पौधा लगाने से भी पीछे नहीं हटते!
| SELFIE WITH PLANT |
Share Book Spread Knowledge यानी किताबें साझा कीजिए और ज्ञान को फैलाइए
AAN GUJARAT का यह Campaign भी बड़ा सफल और सुनियोजित रहा। मंसा यह थी कि विद्यार्थी अपनी पुरानी किताबें आन गुजरात को जमा कराएं और आन गुजरात उन जरूरत मंद लोगो तक इन किताबो को पहुंचाएगा। सबने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। गूगल ड्राइव बना कर कुछ दुर्लभ किताबो को भी साझा किया गया।
नवोदय के ढेर सारे विद्यार्थी आज डॉक्टर बन चुके है और उनमें से कई आन गुजरात के बहुत हि सक्रिय Volunteers में से एक है। आन गुजरात द्वारा मेडिकल कैंप का आयोजन करना आम बात है। आए दिन अनाथ आश्रम, वृद्धाश्रम एवम् नवोदय विद्यालय में मेडिकल कैंप का आयोजन होते रहता है। इससे समाज को बहुत फ़ायदा हुआ है।
मुस्कान- स्नेह बिखेरने का उत्सव
14 अगस्त 2016 को अहमदाबाद के एक सरकारी स्कूल में 200 बच्चो को डिजिटल स्लेट और स्केच पेन वितरित कर बच्चो को खाना खिलाया गया और स्वतंत्रता दिन मनाया गया। बच्चो के performance तो देखने लायक थे। और इस आयोजन में खास बात तो यह थी कि इसका पूरा खर्च Volunteers ने हि उठाया था। और यह सफलता पूर्वक होने के बाद से तो जैसे आन गुजरात के Volunteers को आदत सी हो गई है। अब यह हर साल आयोजित किया जाता है।
एक दिन बरगद कि छांव में
ये शीर्षक मेरे हिसाब से आधा सही अधा गलत है। क्युकी इस कैंपेन में होता क्या है कि ढेर सारे विद्यार्थी वृद्धाश्रम में जाकर बुजुर्गो के साथ बिताते है। उनसे बाते करते हैं, उनकी सलाह लेते है, उन्हे खाना खिलाते है, उनके साथ खेलते है और त्योहार भी मनाते है। और यह एक दिन कि बात नहीं, अब तक तो यह कई दिन कई शहरों में हो चुका है। बुजुर्गो कि सेवा करना अपने आप को किसी चार धाम घुमाने से कम नहीं है।
कपड़े बाटना - Cloth distribution
नवोदय में हमें फ़्री में कपड़े दिए जाते हैं, और कोई ये नहीं जताता कि हमपे उपकार किया जा रहा है। ठीक उसी प्रकार आन गुजरात के वोलेंटियर पुराने कपड़े इक्कठा कर, कुछ रुपए इक्कठा कर नए कपड़े ख़रीद कर जरूरतमंद को देते है। ख़ासकर जब छोटे बच्चो का तन ढका जाता है तब अलग हि खुशी महसूस होती है।
नवोदय में सेमिनार - Carrier guidance
जब हम नवोदय में थे तब भी कुछ पास आउट विद्यार्थि बाहरी दुनिया के बारे में बताने आते थे। तब मै सोचता था ये लोग कौन है। जवाब सामने है, AAN GUJARAT के Volunteers अलग अलग Jawahar Navodaya Vidyalaya में जा कर सेमिनार का आयोजन करते है। बच्चो को बाहरी दुनिया के बारे में बताने के साथ केरियर गाइडेंस भी किया जाता है। अलग अलग क्षेत्रों में कार्यरत विद्यार्थी जब अपना अनुभव साझा करते है तो बच्चो में नई ऊर्जा का संचार होता है और वे भविष्य में किस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उसका जवाब ढूंढ़ने में आसानी होती है।
Blood Donation - रक्त दान
कुछ चीजें ऐसी भी है जिन्हे पैसों से नहीं ख़रीदा जा सकता। उनमें से एक है हमारे शरीर में दौड़ रहा खून। आन गुजरात के Volunteers खुले दिल से रक्त दान करते है। इसका भी आयोजन आए दिन अलग अलग शहरों में होता रहता हैं। अब तक कितने लोगों ने रक्तदान किया होगा इसका कोई हिसाब नहीं है।
Trip अभी बाक़ी है
इसमें बहुत कुछ है लिखने को, परन्तु मै लिखूंगा नहीं। वैसे तो आए दिन आन वोलेंटियर विभिन्न कारणों से मिलते ही रहते हैं। पर, हमेशा किसी ना किसी काम से इसलिए आन गुजरात वोलेंटियर कि ट्रिप भी ऑर्गेनाइज करवाता है ताकी वोलेंटियर एक दूसरे को जान सके, समय व्यतीत कर सकें और एक दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा कर शके। आन गुजरात अब तक कई जगहों कि सैर करवा चुका है। उनमें से एक है जैसलमेर!
यह जनवरी 2018 की बात है। मेरी यात्रा करने के शौक के कारण, मैं जैसलमेर की यात्रा पर आन गुजरात से मिला और तीन दिनों की यात्रा 30 वर्षों की याद में बदल गयी। यात्रा से लौटते हुए, मुझे पता चला कि आन गुजरात क्या है। और मै इस भव्य और महत्वाकांक्षी संगठन कम परिवार का एक हिस्सा बन गया।
मेरे शौक, मेरी मानसिकता, मेरी इच्छाएं सभी आन गुजरात के साथ मिलती हैं, और मैं अपनी यात्रा पर निकल पड़ा। तो मै इन 10 मुद्दों में आन गुजरात के साथ अपने अनुभवों, मेरी भावनाओं और मेरी रोमांचकारी यात्रा को संक्षेप में प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं।
1. हम अहमदाबाद के एक स्कूल में चैरिटी टाइप इवेंट में फिर से मिले और छोटे बच्चो के साथ खूब मस्ती की।
2. आन गुजरात का एक बहुत बड़ा समागम अहमदाबाद में आयोजित किया गया था। जिसमें पूरे गुजरात से नवोदय के 500 से अधिक पूर्व छात्र आए और मिले। मुझे उस दिन एन गुजरात की एकता का अनुभव हुआ और मुझे लगा कि हाँ, नवोदय के बाहर एक नवोदय है जो बिना सीमाओं के है।
3. मैं शेयर बुक स्प्रेड नॉलेज अभियान का मुख्य स्वयंसेवक बन गया और हमने सैकड़ों किताबे इकठ्ठा की, यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।
4. फेस ऑफ द डे इवेंट ने मुझे हर किसी को पहचानने और खासकर खुद को जानने का मौका दिया।
5. दिल से दिवाली अभियान में मैंने अपनी दीवाली सुरेंद्रनगर के वृद्धाश्रम में, राजकोट में वृद्धाश्रम में और अहमदाबाद में छोटे लड़कों के साथ मनाई, जो अंततः मेरे जीवन के एक उद्देश्य को पूरा करने वाला था। वृद्धाश्रम के बारे में मेरी धारणा बदल गई और मैंने इसका एक अलग रूप देखा।
6. सुरेन्द्रनगर में हमने रक्तदान शिविर में भाग लिया, रक्त दान किया, हेलमेट के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक नाटक किया, यह मेरे जीवन का पहला अनुभव था।
7. उसके बाद, चाहे वह किसी की शादी, सालगिरह, उद्घाटन समारोह हो, या किसी की जन्मदिन की पार्टी, या किसी की पदोन्नति, हम सभी ने बार-बार मिलना शुरू कर दिया।
8. उसके बाद मुझे रेलवे में चुन लिया गया। आन गुजरात भी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, चाहे मुझे वडोदरा में दौड़ने में मदद करनी थी। या दस्तावेज़ सत्यापन के लिए आवश्यक सभी दस्तावेजों को बनाने में मदद करना था।
9. वर्तमान की बात करें तो, आन गुजरात फाइट कोरोना का अभियान चल रहा है, जिसमें मैंने 15 से अधिक किट वितरित किए हैं और योगदान जुटाने में भी सहयोग किया है। जागरूकता फैलाने के लिए हमने फ़ोटो की भी सहायता ली। आन गुजरात कुछ हि दिनों में 1000 ग्रोसरी किट का वितरण करने का इतिहास रचेगा।
10. आन गुजरात के बारे में खास बात यह है कि मुझे सभी शहरों में कई दोस्त मिले है, और मैं जहां भी जाता हूं कोई ना कोई सहायता देने के लिए तैयार मिलता है। मैंने कई संगठन देखे हैं जिनमें लोग सेवा करते हैं लेकिन आन गुजरात इन सभी से अलग है क्योंकि यह इन सभी क्षेत्रों को कवर करता है।
आज तक हमने आन गुजरात की चौथी सालगिरह मनाई हैं, और मेरी मनोकामना है कि आन गुजरात की रजत जयंती भी मनाई जाए और मैं हमेशा इसका विशेष सदस्य रहूं।
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नवोदय में बच्चों को फ़्री में मिलने वाली सुविधाएं। facility provided to Navodaya students
नवोदय के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में All About Navodaya
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अदभुत ❤️
जवाब देंहटाएंजी तारीफ़ के लिए सुक्रिया
हटाएंKya bat he
जवाब देंहटाएंapse hi to prerna milti he dost
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