Dinosaur aur Kanghi-Premi: Gujarat ki 2 Gayab Prajatiyan! 🦖🪮
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गुजरात से ये दो प्रजातियाँ बिलकुल गायब ही हो गई हैं। पहली है डायनासोर। उन्नीस सौ अस्सी में महिसागर के बालासिनोर में डायनासोर के दस हजार से भी ज्यादा अंडे मिले थे। वहाँ रैयूली डायनासोर फोसिल पार्क तो बनाया ही गया है, साथ ही साथ म्यूजियम भी बनाया गया है, जहाँ छह करोड़ साल से भी ज्यादा पुराने अंडे रखे हुए हैं।
और दूसरी प्रजाति है पिछली जेब में कंघी रखने वाले लोग। भाई साहब पेन, पर्स और रुमाल के साथ कंघी को ऐसे रखते थे जैसे उनका जुड़वा भाई हो हर दस मिनट में कंघी निकालेंगे और करेंगे वो सारे लोग आज टकले हो चुके हैं और उन्होंने इस सांस्कृतिक धरोहर को अगली पीढ़ी को ट्रांसफर नहीं किया।
कल एक काका दिखे थे जिनके पीछे के कुछ ही बाल बचे हुए थे उन्होंने उनको भी बहुत ही अच्छे से कटिंग करवाया था और कलर करके रखा था। और हर दस पंद्रह मिनट में कंघी निकालकर यूँ यूँ कर रहे थे। तो आपने भी यदि किसी कंघी प्रेमी को देखा है तो ये वीडियो उन्�
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